पटना : चमक-धमक और भव्य पार्टियों से अलग इस बार 10 वर्षीय बाल कलाकार और समाजसेविका लाडो बानी पटेल ने अपना जन्मदिन सेवा, समर्पण और संवेदना के साथ मनाया। “भारत की सबसे छोटी समाजसेविका” के रूप में पहचानी जाने वाली लाडो ने अपना 10वां जन्मदिन 500 से अधिक लोगों के बीच मनाया, जिनमें 200 से अधिक दिव्यांग बच्चे विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
दिव्यांग भाई-बहनों के साथ साझा की खुशियां
कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक और उत्साहपूर्ण रहा। लाडो ने अपना जन्मदिन केक काटकर मनाया, लेकिन खास बात यह रही कि दिव्यांग बच्चों के लिए अलग से विशेष केक की व्यवस्था की गई थी। आयोजन में शामिल बच्चों ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो यह उनका अपना जन्मदिन हो।
लाडो ने सभी बच्चों के साथ समय बिताया, उपहार बांटे और उन्हें सम्मानपूर्वक मंच पर आमंत्रित किया। इस पहल ने सामाजिक समावेशन और बराबरी का संदेश दिया।
“मानवता उत्सव पैलेस” का शुभारंभ
इस विशेष अवसर पर लाडो ने “मानवता उत्सव पैलेस” का विधिवत उद्घाटन भी किया। आयोजन स्थल पर सेवा और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में यूनिक सोलर के डायरेक्टर धीरज कुमार का विशेष सहयोग रहा।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जन्मदिन समारोह के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए शिव शक्ति मंदिर परिसर में पौधारोपण किया गया। लाडो ने अपने हाथों से पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर जन्मदिन पर एक पौधा लगाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
ट्रस्ट और परिवार का योगदान
आयोजन को सफल बनाने में लाडो बानी फैन्स क्लब ट्रस्ट (LBFC) के सदस्यों की अहम भूमिका रही। ट्रस्ट के सचिव प्रवीण पूनियाँ और इंद्रजीत प्रसाद ने अपनी टीम के साथ पूरे कार्यक्रम का संचालन किया।
लाडो की माता और समाजसेवी रागिनी पटेल ने कहा, “हमारा उद्देश्य लाडो को बचपन से ही सेवा के संस्कारों से जोड़ना है। समाज के उन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है, वही हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है।”
इस आयोजन ने यह साबित किया कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन सोच और सेवा का दायरा बहुत बड़ा हो सकता है। लाडो बानी पटेल ने अपने 10वें जन्मदिन को मानवता, समानता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर एक मिसाल कायम की है।





