इम्तियाज अली ने किया ए.आर. रहमान का समर्थन, इंडस्ट्री में भेदभाव नहीं’
ए.आर. रहमान के समर्थन में आए इम्तियाज अली, बोले– इंडस्ट्री में सांप्रदायिक भेदभाव की बात सही नहीं
मुंबई : मशहूर संगीतकार ए.आर. रहमान के हालिया बयानों को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में जारी बहस के बीच अब निर्देशक इम्तियाज अली खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं। रहमान द्वारा फिल्म इंडस्ट्री में बदलाव, क्रिएटिव फैसलों की गुणवत्ता और काम की कमी को लेकर दिए गए बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया था। कुछ फिल्मी हस्तियों ने इसे ‘सांप्रदायिक भेदभाव’ से जोड़कर कड़ी प्रतिक्रिया दी, लेकिन इम्तियाज अली ने इस पूरे मामले पर अलग नजरिया रखा है।
एक इंटरव्यू में ए.आर. रहमान ने कहा था कि पिछले कुछ वर्षों में फिल्म इंडस्ट्री में निर्णय लेने वालों का रवैया बदला है और रचनात्मकता पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने यह भी बताया कि बीते कई सालों से उन्हें अपेक्षाकृत कम काम मिल रहा है। इसी बातचीत के दौरान विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ को लेकर उनकी टिप्पणी भी चर्चा में आ गई, जिसे कुछ लोगों ने ‘विभाजनकारी’ करार दिया। इसके बाद कंगना रनौत और जावेद अख्तर सहित कई कलाकारों ने रहमान की आलोचना की।
विवाद बढ़ने पर अब ‘रॉकस्टार’, ‘तमाशा’ और हालिया फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ के निर्देशक इम्तियाज अली ने रहमान के समर्थन में बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि रहमान के शब्दों को संदर्भ से अलग कर पेश किया गया है। इम्तियाज अली के मुताबिक, रहमान जैसे कलाकार अपनी बात बेहद सोच-समझकर रखते हैं और उनकी मंशा किसी भी तरह से भेदभाव फैलाने की नहीं रही होगी।
इंडिया टुडे से बातचीत में इम्तियाज अली ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है, लेकिन कभी भी सांप्रदायिक आधार पर भेदभाव होते नहीं देखा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ए.आर. रहमान इंडस्ट्री की सबसे सम्मानित और प्रभावशाली हस्तियों में से एक हैं और उनके योगदान पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
इम्तियाज अली ने कहा कि रहमान की बातों को गलत तरीके से समझा गया, जिससे अनावश्यक विवाद पैदा हुआ। उनके अनुसार, इंडस्ट्री में काम का मिलना या न मिलना कई व्यावहारिक कारणों पर निर्भर करता है, न कि किसी धर्म या पहचान पर।
इस पूरे विवाद के बीच ए.आर. रहमान ने भी अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका बयान किसी समुदाय या व्यक्ति को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं था। उन्होंने भारत और इसकी विविधता के प्रति अपने प्रेम को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि उनकी बातों को गलत अर्थों में लिया गया है।




