Bihar में गैस सिलेंडर संकट गहराया, डिलीवरी ठप, उपभोक्ता परेशान’
मुजफ्फरपुर सहित कई इलाकों में एलपीजी की किल्लत, होम डिलीवरी बंद, वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें; उपभोक्ता सिलेंडर के लिए भटकने को मजबूर।
Gas Cylinder : बिहार में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है। खासकर Muzaffarpur जिले में उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी बंद हो गई है, जबकि गैस एजेंसियों और गोदामों से भी कई लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।’
सहबाजपुर इलाके के निवासी सूरज कुमार ने बताया कि उनके घर में पिछले दो दिनों से गैस का चूल्हा नहीं जला है। मजबूरी में वे सिलेंडर लेने सहबाजपुर चौक पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इसी तरह मिठनपुरा के रंजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने होली से पहले ही गैस बुक कराई थी, लेकिन अब उन्हें दोबारा बुकिंग करने को कहा जा रहा है।
गैस की इस किल्लत से पूरे जिले में उपभोक्ता परेशान हैं। कई जगहों पर सुबह से ही वितरण केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। कई महिलाएं सुबह पांच बजे से ही लाइन में लग जाती हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं और कर्मियों के बीच नोकझोंक और हंगामे की स्थिति भी बन रही है।
उधर, गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि जब तक गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं होगी, तब तक बैकलॉग खत्म करना मुश्किल है। एजेंसी संचालकों के अनुसार फिलहाल हर एजेंसी पर करीब एक हजार से अधिक सिलेंडरों का बैकलॉग चल रहा है। दस दिन पहले बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को अब जाकर सिलेंडर मिल पा रहा है।
बताया जा रहा है कि खाड़ी देशों में जारी तनाव और विशेष रूप से Iran–Israel conflict के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर भारत के कई हिस्सों में एलपीजी आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है।’
इसके अलावा एजेंसी संचालकों का कहना है कि त्योहारों के दौरान गैस रिफिलिंग बंद रहने और कंपनियों की ओर से आवंटन में करीब 20 प्रतिशत कटौती का भी असर पड़ा है। वहीं ई-केवाईसी प्रक्रिया और सर्वर की धीमी गति ने भी उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है।
यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं के लिए रसोई संभालना और भी मुश्किल हो सकता है।’




