DelhiDigitalसमाचार

फोन पर गिरफ्तारी का डर, बुजुर्ग दंपति से 14.85 करोड़ की साइबर ठगी

फोन पर ‘गिरफ्तारी’ का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपति से 14.85 करोड़ की साइबर ठगी, ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम का बड़ा मामला

साइबर ठगी की प्रतीकात्मक तस्वीर
दिल्ली में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और पुलिस अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग NRI दंपति से करीब 14.85 करोड़ रुपये ठग लिए। इस घटना ने न सिर्फ राजधानी बल्कि पूरे देश में साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़िता इंदिरा तनेजा के अनुसार, यह पूरा मामला 24 दिसंबर को शुरू हुआ। दोपहर के समय उनके मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को TRAI का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक कॉल किए गए हैं और इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज हुई हैं। आरोपी ने धमकी दी कि अगर सहयोग नहीं किया गया तो उनका नंबर तुरंत बंद कर दिया जाएगा।

इसके बाद कॉल को कथित तौर पर पुलिस अधिकारी से जोड़ दिया गया। वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने पुलिस की वर्दी पहने हुए व्यक्ति दिखाए और दंपति पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। ठगों ने दावा किया कि उनके खिलाफ महाराष्ट्र में FIR दर्ज है और गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुके हैं। साथ ही उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ में होने की बात कहकर घर से बाहर न निकलने और किसी से संपर्क न करने की चेतावनी दी गई।

लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए दंपति पर मानसिक दबाव बनाया गया। गिरफ्तारी और जेल के डर से बुजुर्ग दंपति पूरी तरह घबरा गए। ठगों ने मामले को “सेटल” करने के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने को कहा। डर और भ्रम की स्थिति में दंपति ने अपनी जिंदगी भर की कमाई अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए ठगों के खातों में भेज दी।
ताज़ा खबरों और एक्सक्लूसिव अपडेट्स के लिए

ताज़ा और भरोसेमंद खबरों के लिए

Gaam Ghar को Dailyhunt पर अभी फॉलो करें

कुछ समय बाद जब संपर्क टूट गया और सच्चाई सामने आई, तब जाकर दंपति को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दिल्ली पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच कर रही है और ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

यह भी पढ़ें  समस्तीपुर जिला के आरटीपीएस कर्मी की कमी के कारण नहीं बन पा रहा है किसी प्रकार का प्रमाण पत्र

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सरकारी एजेंसियां कभी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देतीं और न ही पैसे मांगती हैं। पुलिस ने नागरिकों, खासकर बुजुर्गों से अपील की है कि ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं, किसी भी तरह की जानकारी या पैसे साझा न करें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

यह भी पढ़ें  Bollywood: बॉलीवुड की ये खूबसूरत अभिनेत्रियां है बिहार से

सच के साथ खड़े हों —
स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें।
Gaam Ghar


Donate via UPI

UPI ID: 7903898006@sbi

Abhishek Anand

Abhishek Anand, Working with Gaam Ghar News as a author. Abhishek is an all rounder, he can write articles on any beat whether it is entertainment, business, politics and sports, he can deal with it.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button