बिहार की राजनीति इन दिनों तेजी से बदलते घटनाक्रमों के कारण सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री Samrat Choudhary को दिल्ली बुलाया है। इस घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सम्राट चौधरी रविवार को पटना से दिल्ली जाएंगे और वहां अमित शाह से मुलाकात करेंगे। हालांकि उन्हें दिल्ली क्यों बुलाया गया है, इसे लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बिहार में संभावित सत्ता परिवर्तन और नए मुख्यमंत्री के चयन से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिहार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में सम्राट चौधरी को एक प्रमुख नेता के रूप में देखा जाता है। वे वर्तमान में राज्य के डिप्टी सीएम हैं और उनके पास गृह विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है। यह वही विभाग है जो पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास हुआ करता था। ऐसे में सम्राट चौधरी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और भी तेज हो गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व अब राज्य में संभावित नए मुख्यमंत्री के नाम पर विचार-विमर्श शुरू कर चुका है। यही कारण है कि सम्राट चौधरी को अचानक दिल्ली बुलाए जाने को अहम राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शनिवार सुबह पटना स्थित राजभवन पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यपाल Arif Mohammad Khan से करीब दस मिनट तक मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार यह मुलाकात औपचारिक थी और इसे विदाई प्रोटोकॉल के तहत बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल ने नीतीश कुमार को उनकी नई राजनीतिक पारी के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
दरअसल नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है। इसके बाद से ही बिहार की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर नीतीश कुमार सक्रिय रूप से राज्य की सत्ता से अलग होते हैं तो बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना बन सकती है। ऐसे में यह भी चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपने किसी वरिष्ठ नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है।
हालांकि अभी तक इस मामले में किसी भी दल की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सम्राट चौधरी की अमित शाह से होने वाली मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में नए घटनाक्रम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पूरे राज्य की नजर दिल्ली में होने वाली इस महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में बिहार की सियासत की दिशा तय कर सकती है।





