बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर नगर परिषद क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल की जमीन पर कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ताजपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या–17 स्थित मोतीपुर राजस्व ग्राम में स्थित कबीर मठ की जमीन पर पक्का पानी टंकी बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में स्थानीय ग्रामीणों और मठ से जुड़े लोगों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों ने इस संबंध में समस्तीपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) को एक लिखित आवेदन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने और अवैध निर्माण कार्य को तुरंत रोकने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि मोतीपुर गांव में स्थित कबीर मठ एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जहां लंबे समय से कबीर पंथ से जुड़े अनुयायियों द्वारा धार्मिक कार्यक्रम, सत्संग और अन्य आध्यात्मिक आयोजन होते रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मठ का धार्मिक और सामाजिक महत्व काफी बड़ा है। यहां समय-समय पर आयोजित कार्यक्रमों में आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कबीर पंथी शामिल होते हैं। ऐसे में मठ की जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है।
आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा निजी स्वार्थ के लिए मठ की जमीन पर पक्का पानी टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के इस तरह का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे मठ की जमीन पर अवैध कब्जे की स्थिति बनती जा रही है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। इसलिए प्रशासन को तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
आवेदन में यह भी मांग की गई है कि प्रशासन मौके पर जांच कराए और यदि निर्माण अवैध पाया जाए तो उसे रोकते हुए मठ की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।
इस आवेदन पर प्रमुख रूप से भाग्यनारायण दास, परमेश्वर साह, भूषण प्रसाद साह, धीरेन्द्र राय और रामसकल साह समेत कई ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए हैं। अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि कब इस मामले में जांच शुरू होती है और क्या कदम उठाए जाते हैं।



