समस्तीपुर : दरभंगा से आनंद विहार जा रही गाड़ी संख्या 19166 दरभंगा-आनंद विहार एक्सप्रेस में एक फर्जी टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) को रेल अधिकारियों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। यह घटना दरभंगा और समस्तीपुर के बीच टिकट जांच के दौरान सामने आई। रेल प्रशासन की सतर्कता के कारण आरोपी को समय रहते हिरासत में लेकर समस्तीपुर स्टेशन पर जीआरपी को सौंप दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दरभंगा से ट्रेन खुलने के बाद नियमित टिकट जांच की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति यात्रियों से टिकट मांगते हुए खुद को टीटीई बताकर जांच करता नजर आया। उसकी गतिविधियां देखकर रेलकर्मियों को संदेह हुआ। जब उससे पहचान पत्र और अधिकृत नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका।
पूछताछ में आरोपी के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। रेल अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। ट्रेन के समस्तीपुर स्टेशन पहुंचते ही आरोपी को उतारकर जीआरपी समस्तीपुर के हवाले कर दिया गया।
रेल पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी यात्रियों से अवैध वसूली करने की नीयत से फर्जी टीटीई बनकर यात्रा कर रहा था। हालांकि उसका आपराधिक इतिहास और उद्देश्य स्पष्ट करने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। जीआरपी ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रेल प्रशासन ने इस घटना के बाद यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि टिकट जांच के दौरान यात्रियों को अधिकृत टीटीई का पहचान पत्र अवश्य देखना चाहिए। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या जीआरपी को दें।
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि रेल अधिकारियों की सजगता से यात्रियों को संभावित ठगी और अवैध वसूली से बचाया जा सकता है। रेल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।




