
समस्तीपुर : क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी), पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर की द्वितीय बैठक बुधवार को पटना स्थित चाणक्य सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जेडआरयूसीसी के सदस्य सह वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार ने समस्तीपुर मंडल, मिथिलांचल और उत्तर बिहार के यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे और प्रस्ताव रेल प्रशासन के समक्ष रखे।
कृष्ण कुमार ने रक्सौल से मोतिहारी एवं समस्तीपुर होते हुए कोलकाता के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों और आम यात्रियों को कोलकाता तक सीधी और तेज रेल सेवा मिलेगी, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा दरभंगा या बरौनी से नई दिल्ली के लिए समस्तीपुर एवं हाजीपुर के रास्ते वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
उन्होंने रक्सौल से दानापुर के लिए मोतिहारी होते हुए इंटरसिटी एक्सप्रेस शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूर्वी चंपारण और आसपास के इलाकों को राजधानी पटना से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं 15283/15284 जानकी एक्सप्रेस के पूर्व निर्धारित ठहराव को बहाल करते हुए हायाघाट और किशनपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव देने की मांग की गई।
इसके साथ ही 18181/18182 टाटानगर–थावे एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने, जयनगर–राउरकेला एक्सप्रेस (18105/18106) को सप्ताह में तीन दिन के बजाय रोजाना संचालित करने और समस्तीपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच पहले चलने वाली स्पेशल ट्रेन को नियमित रूप से शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया।
कृष्ण कुमार ने मुजफ्फरपुर–आनंद विहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस के मार्ग विस्तार की मांग करते हुए इन ट्रेनों को समस्तीपुर मंडल मुख्यालय या कर्पूरीग्राम से संचालित करने का सुझाव दिया। धार्मिक यात्रियों की सुविधा के लिए छपरा–मथुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस को दरभंगा या समस्तीपुर से चलाने और पटना–अहमदाबाद एक्सप्रेस को सप्ताह में दो दिन समस्तीपुर या दरभंगा से संचालित करने की मांग भी की गई।
उन्होंने जयनगर–पटना नमो भारत ट्रेन का पटना साहिब स्टेशन पर ठहराव देने और समस्तीपुर स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। रेल प्रशासन ने इन सभी प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।




