DelhiDigitalसमाचार

IG दलजीत सिंह और DIG राजीव मिश्रा की नई पारी, गृह मंत्रालय का आदेश’

पटना : बिहार कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों — आईजी दलजीत सिंह और डीआईजी राजीव मिश्रा — की सेवाएं अब केंद्र सरकार के अधीन होंगी। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 2007 बैच के अधिकारी और वर्तमान में सीआईडी में आईजी पद पर कार्यरत दलजीत सिंह को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डीआईजी के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं पटना के पूर्व सीनियर एसपी और वर्तमान डीआईजी राजीव मिश्रा को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में प्रतिनियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारी जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारियों का कार्यभार संभालेंगे।

Best Deals सीधे WhatsApp पर पाएं!

Gaam Ghar Retail चैनल फॉलो करें और Amazon & Meesho की सस्ती खरीदारी करें।

Join Now

इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के केंद्र जाने से बिहार पुलिस के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव तय माना जा रहा है। राज्य में पहले से ही कई अहम पद रिक्त या अंतरिम व्यवस्था से संचालित हैं और अब दो और अनुभवी अधिकारियों के जाने से प्रशासनिक संतुलन पर असर पड़ने की संभावना है।

यह भी पढ़ें  गरीबों पर अत्याचार के खिलाफ माले का धरना, प्रशासन पर पक्षपात आरोप

सुशासन और अधिकारियों का पलायन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ के दावों के बीच राज्य से वरिष्ठ अधिकारियों का केंद्र की ओर रुझान लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में करीब 16 से 17 आईपीएस अधिकारी पहले से ही केंद्र में प्रतिनियुक्त हैं। इसके अलावा आशीष भारती, राकेश राठी और जितेंद्र कुमार जैसे कई अन्य अधिकारी भी प्रतिनियुक्ति की कतार में बताए जा रहे हैं। इस स्थिति को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि क्या राज्य में कार्य करने के दौरान अधिकारियों को अत्यधिक दबाव, राजनीतिक हस्तक्षेप या असहज कार्य वातावरण का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण वे केंद्र की सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें  चंदौली के जंगलों में शूटिंग: खेसारी लाल यादव की भोजपुरी फिल्म "डंस"

प्रशासनिक प्रक्रिया और भविष्य की अटकलें

केंद्र में प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलना अंतिम औपचारिकता होती है। सूत्रों के अनुसार कुछ अधिकारियों को एनओसी अपेक्षाकृत जल्दी मिल जाती है, जबकि कुछ मामलों में यह प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है। राजीव मिश्रा की प्रतिनियुक्ति को लेकर भी हाल के महीनों में पुलिस मुख्यालय में कई तरह की चर्चाएं रही हैं।

दलजीत सिंह अपनी सख्त और फाइल-आधारित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। सीआईडी में उनके कार्यकाल के दौरान कई संवेदनशील मामलों की गहन जांच हुई, जिससे विभाग के भीतर उनकी एक अलग पहचान बनी। अब उनके बीएसएफ जाने से राज्य की जांच एजेंसियों में एक खालीपन महसूस किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें  मारपीट मामले का आरोपी गिरफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों का लगातार केंद्र जाना राज्य प्रशासन के लिए एक चेतावनी संकेत है। यह न केवल पुलिस व्यवस्था की निरंतरता को प्रभावित करता है, बल्कि राज्य सरकार की प्रशासनिक शैली पर भी सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बिहार सरकार इस स्थिति से कैसे निपटती है और क्या अधिकारियों को राज्य में बनाए रखने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

सच के साथ खड़े हों —
स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें।
Gaam Ghar


Donate via UPI

UPI ID: 7903898006@sbi

नोट: इस पोस्ट में Amazon Affiliate लिंक हो सकते हैं।

Gaam Ghar Desk

गाम घर डेस्क के साथ भारत और दुनिया भर से नवीनतम ब्रेकिंग न्यूज़ और विकास पर नज़र रखें। राजनीति, एंटरटेनमेंट और नीतियों से लेकर अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तक, स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं और वैश्विक मामलों तक, हमने आपको कवर किया है। Follow the latest breaking news and developments from India and around the world with 'Gaam Ghar' news desk. From politics , entertainment and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button