राजगीर स्टेडियम में 13 पिचें तैयार, बारिश में भी जारी रहेगी क्रिकेट
राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम: 13 अंतरराष्ट्रीय पिचें तैयार, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस, बारिश में भी नहीं रुकेगा खेल
राजगीर अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में बन रहा क्रिकेट स्टेडियम अब लगभग अपने अंतिम चरण में है। 18 एकड़ में फैले इस अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण कार्य तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह स्टेडियम आने वाले दिनों में एक बड़ा आकर्षण बनने वाला है। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि स्टेडियम का ग्राउंड और पवेलियन लगभग तैयार हो चुके हैं तथा कई आधुनिक सुविधाओं की स्थापना अंतिम चरण में है।
13 अंतरराष्ट्रीय स्तर की पिचें तैयार
इस स्टेडियम का सबसे बड़ा आकर्षण है—कुल 13 अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार की गई पिचें। बीसीसीआई के मुख्य क्यूरेटर की देखरेख में पिच निर्माण कार्य पूरा किया गया है। इनमें:
- 6 पिचें महाराष्ट्र के पुणे की लाल मिट्टी से
- 7 पिचें बिहार के मोकामा की काली मिट्टी से
मोकामा की काली मिट्टी अपनी चिकनाई और पकड़ के लिए प्रसिद्ध है, जो गेंद को स्वाभाविक उछाल देती है। वहीं, पुणे की लाल मिट्टी पिच को मजबूती और बैलेंस प्रदान करती है। इन दोनों प्रकार की मिट्टी के मिश्रण से तैयार पिचें बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही दृष्टिकोण से संतुलित मानी जा रही हैं। मैदान में हाई-क्वालिटी घास बिछा दी गई है, जिससे आउटफील्ड बेहद तेज़ और आकर्षक दिख रहा है।
वर्षा में भी जारी रहेगा खेल—अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम
बिहार में मौसमी बारिश को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ड्रेनेज सिस्टम स्थापित किया गया है। बारिश के दौरान खेल को बाधित होने से बचाने के लिए:
- पूरी मैदान सतह के नीचे परफोरेटेड पाइप लाइन दो फीट गहराई तक बिछाई गई है।
- पाइप के ऊपर ग्रेवेल और मिट्टी की परत डाली गई है।
- सतह की लेवलिंग इस तरह की गई है कि पानी तेजी से पाइप में समा जाए।
इस तकनीक से कुछ ही मिनटों में पानी की निकासी हो सकेगी और वर्षा रुकते ही मैच शुरू किया जा सकेगा। देश के कई बड़े स्टेडियमों में ऐसा ड्रेनेज सिस्टम है, जिससे खेल का समय कम से कम प्रभावित होता है।
हाई मास्ट लाइटें, स्कोरबोर्ड और प्रसारण की आधुनिक सुविधाएँ
राजगीर स्टेडियम में कुल चार हाई मास्ट एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे डे-नाइट मैच भी पूरे रोशन मैदान में खेले जा सकेंगे। साथ ही:
- डिजिटल स्कोर बोर्ड
- साउंड सिस्टम
- फायर अलार्म व फायर फाइटिंग सिस्टम
- कैमरा प्लेटफॉर्म
- टीवी और रेडियो कमेंट्री रूम
जैसी सुविधाएँ अंतरराष्ट्रीय प्रसारण मानकों के अनुरूप विकसित की जा रही हैं। इससे मैचों के लाइव टेलीकास्ट की गुणवत्ता और दर्शकों के अनुभव दोनों में सुधार होगा।
40 हजार दर्शकों की बैठने की क्षमता
यह स्टेडियम बिहार के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल हो जाएगा। इसकी कुल बैठने की क्षमता लगभग 40,000 दर्शकों की है।
- रिवर्स पवेलियन में करीब 10,000 दर्शक बैठ सकेंगे।
यहां फूड काउंटर, लिफ्ट, टियर-1 से टियर-4 सीटिंग और शौचालय जैसी सुविधाएँ होंगी। - जनरल स्टैंड ईस्ट और वेस्ट में लगभग 27,000 दर्शकों की क्षमता होगी।
इन स्टैंड्स में भी फूड कोर्ट, लिफ्ट, शौचालय और आधुनिक सीटिंग की व्यवस्था की जा रही है।
रिवर्स पवेलियन, ईस्ट और वेस्ट स्टैंड का निर्माण तेजी से प्रगति पर है और जल्द ही इनके पूरा होने की उम्मीद है।
बिहार क्रिकेट को नई ऊँचाई पर ले जाने की तैयारी
राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के तैयार होने के बाद बिहार में बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट, रणजी मैच, नेशनल और संभवतः भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित होने की संभावना बढ़ जाएगी। यह स्टेडियम न केवल बिहार के खिलाड़ियों को नए अवसर देगा बल्कि राज्य के पर्यटन और खेल संस्कृति को भी नई पहचान दिलाएगा।
राजगीर का यह आधुनिक स्टेडियम खेल और तकनीक का बेहतरीन संगम बनकर उभर रहा है, जिसका क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।





