समस्तीपुर में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को लेकर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने फिलिस्तीन, गाजा और ईरान में हुए हमलों में मारे गए नागरिकों, खासकर बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय की मांग उठाई।
यह रैली शहर के धरमपुर इलाके से शुरू हुई और समाहरणालय तक पहुंची। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शांति और मानवाधिकारों की रक्षा की मांग की। रैली के दौरान लोगों ने किसी तरह का नारा-हंगामा नहीं किया, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करते हुए युद्ध और हिंसा के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे संघर्षों का सबसे ज्यादा खामियाजा आम नागरिकों और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और मानवता की रक्षा के लिए सभी देशों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
रैली के समापन पर समाहरणालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति स्थापित करने के लिए भारत सरकार से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।
प्रदर्शन के दौरान युद्ध में मारे गए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद हुए निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी और दुनिया में शांति कायम करने की कामना की।
इस आयोजन में शहर और आसपास के कई गांवों से लोग शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार हजारों की संख्या में लोगों ने इस शांतिपूर्ण मार्च में भाग लेकर मानवता और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाई।
रैली में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रमुख रूप से आरिफ ईमाम, खालिद अनवर, शारिक इब्राहिम, मो. जाकिर, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जीवछ पासवान, उपेंद्र राय, रज़ीउल इस्लाम रिज्जु, शफीउर राजा, चुन्ना, नजरुल इस्लाम, मो. नेमत, आदिल, दानिश रहमान, मो. आरजू और मो. फरहाद सहित कई लोग शामिल हुए।
आयोजकों ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी देश विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि युद्ध और हिंसा के खिलाफ था। उनका उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना था कि मानवता सबसे ऊपर है और निर्दोष लोगों की जान बचाना पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्तीपुर जैसे शहरों से उठने वाली शांति की आवाज यह दर्शाती है कि आम जनता युद्ध और हिंसा से दूर रहकर दुनिया में शांति और भाईचारे का वातावरण चाहती है।





