बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद नया विवाद सामने आया है। मामला रोसड़ा के भिरहा वार्ड संख्या-2 का है, जहां अतिक्रमण हटाने के बाद रास्ता अवरुद्ध करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार 28 फरवरी को Rosera अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण मामले में कार्रवाई करते हुए भिरहा निवासी Shambhu Rai के घर का छज्जा तोड़कर हटाया था। यह कार्रवाई गांव के ही Kanhaiya Rai की शिकायत पर की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शंभू राय पिछले लगभग 26 वर्षों से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रहे थे।
हालांकि कार्रवाई के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। कन्हैया राय और अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटाया गया और अब रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है। आरोप है कि शंभू राय और उनके पुत्र Ankit Kumar Rai ने कन्हैया राय के घर जाने वाले रास्ते पर लोहे के टुकड़े, ईंट, मलबा और कूड़ा-कचरा डालकर रास्ता बंद कर दिया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस कारण उनके घर आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। कन्हैया राय दिव्यांग हैं, जबकि उनकी पत्नी मुंचुन देवी वृद्ध हैं। ऐसे में रास्ता बंद होने से उन्हें रोजमर्रा के कामों में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने पर शंभू राय के पुत्रों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद 1 मार्च को रोसड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आंशिक रूप से रास्ता खाली कराया।
हालांकि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कुछ दिनों बाद फिर से रास्ते पर मलबा डालकर उसे बाधित कर दिया गया। इस मामले को लेकर कन्हैया राय ने रोसड़ा थाना, अंचल अधिकारी और एसडीएम को आवेदन देकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




