मोतीपुर पंचायत का अध्ययन करने पहुंचे 50 मुखिया रोसड़ा
राज्य के विभिन्न जिलों से आए जनप्रतिनिधियों ने बाल हितैषी विकास मॉडल, ग्रामीण हाट, तालाब सौंदर्याकरण और पंचायत सरकार भवन का किया निरीक्षण
मनीष यादव संवाददाता समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत आदर्श मोतीपुर पंचायत शनिवार को राज्यस्तरीय अध्ययन दल के स्वागत का साक्षी बना। पंचायत स्तर पर सफल विकास मॉडलों को समझने और उन्हें अन्य पंचायतों में लागू करने के उद्देश्य से बिहार पंचायती राज विभाग एवं राज्य पंचायत संसाधन केंद्र की ओर से यह अध्ययन भ्रमण आयोजित किया गया। कार्यक्रम सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के तहत थीम–03 ‘बाल हितैषी ग्राम पंचायत’ पर केंद्रित था।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करीब 50 मुखिया एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने मोतीपुर पंचायत में संचालित जनोपयोगी योजनाओं और विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। प्रतिनिधियों ने पिट्टाडोभी स्थित ग्रामीण हाट, बाल वाटिका, तालाबों के सौंदर्याकरण, जंदाही पोखर के विकास कार्य, बच्चों के क्रीड़ा स्थल, पंचायत सरकार भवन सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का अवलोकन किया। पंचायत में साफ-सफाई, हरियाली और सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थलों को देखकर आगंतुकों ने प्रसन्नता व्यक्त की।
भ्रमण कार्यक्रम में अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली और पश्चिम चंपारण समेत अनेक जिलों के जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
नॉनघर पंचायत (रामगढ़ चौक प्रखंड) की मुखिया जूली देवी ने कहा कि मोतीपुर पंचायत में किए गए विकास कार्य अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उन्होंने बताया कि यहां की मुखिया प्रेमा देवी के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है, जिससे अन्य पंचायतों को सीख लेने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुखिया प्रेमा देवी एवं उनके पति समाजसेवी रंजीत कुमार सहनी ने पंचायत में चल रही योजनाओं, वित्तीय प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी और पारदर्शी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचायत में बाल हितैषी वातावरण तैयार करने, जल संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
आगंतुक प्रतिनिधियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
भ्रमण के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी पंचायतों को विकसित और मॉडल पंचायत बनाने का संकल्प लिया। यह अध्ययन दौरा पंचायतों के बीच बेहतर कार्यों के आदान-प्रदान और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।




