
पटना में चर्चित NEET छात्रा मौत मामले की जांच अब तेज हो गई है। इस मामले की पड़ताल के लिए रविवार को Central Bureau of Investigation (सीबीआई) की 20 सदस्यीय टीम जहानाबाद जिले के रतनी फरीदपुर गांव पहुंची। टीम ने छात्रा के परिजनों से करीब साढ़े तीन घंटे तक गहन पूछताछ की और कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।
सीबीआई के आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में पहुंची टीम सुबह 8:40 बजे गांव पहुंची और दोपहर 12:10 बजे तक जांच-पड़ताल करती रही। इस दौरान घर में मौजूद छह सदस्यों—माता, पिता, दादी, भाई, भाई की पत्नी और फुआ—से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की गई। अधिकारियों ने सभी के बयान दर्ज किए और मौके पर ही टाइप कर उनका प्रिंट निकालकर हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद दस्तावेजों को सील कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान अधिकारी समय-समय पर बाहर आकर आपस में चर्चा करते और फिर दोबारा परिजनों से सवाल-जवाब करते रहे। जांच टीम अपने साथ लैपटॉप और प्रिंटर लेकर पहुंची थी, जिससे बयान दर्ज करने की प्रक्रिया मौके पर ही पूरी की जा सके।
कुछ सामान जब्त
सीबीआई टीम छात्रा से जुड़े कुछ सामान भी अपने साथ ले गई। जब्त वस्तुओं में किताबें, एक चाकू, नेल कटर और कुछ कपड़े शामिल हैं। अधिकारियों ने छात्रा के भाई का मोबाइल फोन भी मांगा। परिजनों ने बताया कि मोबाइल खराब हो गया था और मरम्मत के लिए मखदुमपुर की एक दुकान में दिया गया है। इस पर टीम ने मोबाइल शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
जांच टीम पांच गाड़ियों से गांव पहुंची थी। इसमें झारखंड से आए आईजी, एक एसपी, चार महिला अधिकारी तथा स्थानीय स्तर पर शकुराबाद थानाध्यक्ष भी शामिल थे। गांव में सीबीआई की मौजूदगी को लेकर दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा और ग्रामीणों की भीड़ घर के आसपास जुटी रही।
परिजनों की चिंता और CBI का आश्वासन
छात्रा की मां ने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय पुलिस पहले भी पूछताछ के लिए आई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पर सीबीआई अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाएगी तथा जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।
सीबीआई अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। जांच में देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला देर से हस्तांतरित होने के कारण प्रारंभिक प्रक्रिया में समय लगा, लेकिन अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
गांव के लोगों की नजरें अब जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं। परिजन भी उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से उन्हें न्याय मिलेगा और छात्रा की मौत के पीछे की असल वजह सामने आएगी।





