भोजपुरी इंडस्ट्री की चर्चित एक्ट्रेस और सिंगर अक्षरा सिंह एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने अपने पूर्व सह-कलाकार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को आरा फैमिली कोर्ट में सुनवाई के दौरान पवन सिंह के गैरहाजिर रहने पर अक्षरा ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी पुरुष ने शादी कर पत्नी को घर लाया है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी भी उसी की बनती है।
ज्योति के समर्थन में उतरीं अक्षरा
तलाक के इस चर्चित मामले में अक्षरा सिंह ने ज्योति सिंह का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ज्योति ने जो मानसिक और सामाजिक पीड़ा झेली है, उसके सामने 100 करोड़ रुपये की एलिमनी भी कम है। अक्षरा ने समाज से अपील की कि एक महिला को उसका वैधानिक और नैतिक हक मिलना चाहिए। उनका कहना था कि शादी कोई खेल नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है, और अगर रिश्ते में दरार आई है तो उसका न्यायपूर्ण समाधान होना चाहिए।
10 करोड़ की एलिमनी पर बहस
अदालत में ज्योति सिंह ने कहा है कि वे अपने पति के साथ रहना चाहती हैं, लेकिन यदि पवन सिंह साथ नहीं रखना चाहते, तो उन्हें 10 करोड़ रुपये गुजारा भत्ता देना होगा। इस पर अक्षरा ने कहा कि चाहे 10 करोड़ हों या 20 करोड़, यदि पत्नी ने संबंध निभाने की कोशिश की है और उसे प्रताड़ना झेलनी पड़ी है, तो उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिम्मेदारी से पीछे हटना ठीक नहीं है।
पुराने रिश्तों की चर्चा
भोजपुरी सिनेमा में अक्षरा और पवन सिंह की जोड़ी काफी लोकप्रिय रही है। दोनों ने कई हिट फिल्मों और गानों में साथ काम किया है। हालांकि, निजी रिश्तों में आई खटास के बाद दोनों अलग हो गए थे। इसके बावजूद मौजूदा विवाद में अक्षरा का ज्योति के पक्ष में खड़ा होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
तेज प्रताप यादव की तारीफ
फिल्मी विवाद से इतर अक्षरा सिंह ने बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की भी जमकर तारीफ की। अभिनेता राजपाल यादव की मदद करने पर उन्होंने तेज प्रताप को ‘क्यूट’ और ‘बेहद प्यारा इंसान’ बताया। अक्षरा ने कहा कि संकट के समय किसी की मदद करना बड़ी बात होती है और तेज प्रताप ने यह उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अन्य लोगों से भी अपील की कि राजपाल यादव की सहायता के लिए आगे आएं।
अक्षरा सिंह के इन बयानों ने भोजपुरी इंडस्ट्री और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर वे महिला अधिकारों के समर्थन में मुखर दिखीं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने सामाजिक सरोकारों पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। अब इस पूरे विवाद पर पवन सिंह की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।




